Skip to main content

भगवान बुद्ध के पांच महत्वपूर्ण संदेश - बुद्ध पूर्णिमा

भगवान बुद्ध ने जीवन को सही मायने में जीना सिखाया । उनकी शिक्षाओं को जीवन में उतारकर जीवन को आनंदमय बना सकते हैं । बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर उनकी प्रमुख देशनाएँ -
1 . भविष्य के बारे में मत सोचो और अतीत में मत उलझो सिर्फ वर्तमान पर ध्यान दो . जीवन में खुश रहने का यही एक सही रास्ता है . 

2 . खुशियां हमेशा बांटने से बढ़ती हैं जैसे कि एक जलते हुए दीये से हजारों दीपक रोशन किए जा सकते है , फिर भी उस दीये की रोशनी कम नहीं होती . 

3 . आप चाहें जितनी भी अच्छी किताबें पढ़ लें , कितने भी अच्छे शब्द सुन लें , लेकिन जब तक आप उनको अपने जीवन में नहीं अपनाते तब तक उसका कोई फायदा नहीं . 

4 . हमेशा क्रोधित रहना , ठीक उसी तरह है जैसे जलते हुए कोयले को किसी दूसरे व्यक्ति पर फेंकने की इच्छा से खुद पकड़ कर रखना . यह क्रोध सबसे पहले आपको ही जलाता है . 

5 . क्रोधित होकर हजारों गलत शब्द बोलने से अच्छा , मौन का वह एक शब्द है जो जीवन में शांति लाता है .

Comments

  1. सटीक और व्यवहारिक ज्ञान, पुनःस्मरण कराने के लिए धन्यवाद!

    ReplyDelete
  2. अगर प्रत्येक व्यक्ति भगवान बुद्ध के इन बातों का पालन करे तो व्यक्ति, समाज और देश की सभी समस्याओं का समाधान स्वतः हो जाएगा।

    ReplyDelete
  3. बहुत सुंदर विचार,महात्मा बुद्ध के इन विचारों पर अमल कर जीवन सहज और सरल ही जायेगा।🙏🙏

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

सिल्वर वैडिंग-अध्ययन

सिल्वर वैडिंग – मनोहर श्याम जोशी पाठ का सार- सिल्वर वेडिंग’ कहानी की रचना मनोहर श्याम जोशी ने की है| इस पाठ के माध्यम से पीढ़ी के अंतराल का मार्मिक चित्रण किया गया है| आधुनिकता के दौर में, यशोधर बाबू परंपरागत मूल्यों को हर हाल में जीवित रखना चाहते हैं| उनका उसूलपसंद होना दफ्तर एवम घर के लोगों के लिए सरदर्द बन गया था | यशोधर बाबू को दिल्ली में अपने पाँव जमाने में किशनदा ने मदद की थी, अतः वे उनके आदर्श बन गए| दफ्तर में विवाह की पच्चीसवीं सालगिरह के दिन ,दफ्तर के कर्मचारी, मेनन और चड्ढा उनसे जलपान के लिए पैसे माँगते हैं | जो वे बड़े अनमने ढंग से देते हैं क्योंकि उन्हें फिजूलखर्ची पसंद नहीं |यशोधर  बाबू के तीन बेटे हैं| बड़ा बेटा भूषण, विज्ञापन कम्पनी में काम करता है| दूसरा बेटा आई. ए. एस. की तैयारी कर रहा है और तीसरा छात्रवृति के साथ अमेरिका जा चुका है| बेटी भी डाक्टरी की पढ़ाईं के लिए अमेरिका जाना चाहती है, वह विवाह हेतु किसी भी वर को पसंद नहीं करती| यशोधर बाबू बच्चों की तरक्की से खुश हैं किंतु परंपरागत संस्कारों के कारण वे दुविधा में हैं| उनकी पत्नी ने स्वयं को बच्चों क...

नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया -अभ्यास

1. बालिका मैना ने सेनापति 'हे' को कौन-कौन से तर्क देकर महल की रक्षा के लिए प्रेरित किया ? उत्तर बालिका मैना ने अपने पिता के महल की रक्षा के लिए निम्नलिखित तर्क दिए- 1. मैना ने तर्क दिया कि महल को गिराने से सेनापति की किसी उद्देशय की पूर्ति न हो सकेगी। 2. मैना ने अंग्रेज़ों के विरुद्ध शस्त्र उठाने वालों को दोषी बताया और कहा कि इस जड़ पदार्थ मकान ने कोई अपराध नहीं किया। 3. अंत में मैना ने सेनापति 'हे' को अपना परिचय देकर बताया कि उन्हें उनकी पुत्री मेरी की सहेली की रक्षा करनी ही चाहिए। 2. मैना जड़ पदार्थ मकान को बचाना चाहती थी पर अंग्रेज़ उसे नष्ट करना चाहते थे। क्यों ? उत्तर मैना उसी मकान में पली-बढ़ी थी। उसी में उसकी बचपन की, पिता की, परिवार की यादें समाई हुई थीं। इसलिए वह जड़ मकान उसके लिए भरी-पूरी ज़िंदगी के समान था। वह उसके जीवन का भी सहारा हो सकता था। इसलिए वह उसे बचाना चाहती थी। अंग्रेज़ों के लिए वह राजमहल उनके दुश्मन नाना साहब की निशानी था। वे उनकी हर निशानी को मिट्टी में मिला देना चाहते थे, ताकि देश में फिर से कोई अंग्रेज़ों के विरुद्ध आवाज़ न उठाए। 3. सर टामस '...