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बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं

बुद्ध ने कहा मुझ पर भरोसा मत करना | मैं जो कहता हूँ उस पर इसलिए भरोसा नहीं करना कि मैं कहता हूँ | सोचना, विचारना, जीना | तुम्हारे अनुभव की कसौटी पर सही हो जाए तो सही है | भगवान बुद्ध के अंतिम वचन हैं : “अप्प दीपो भव” | अपने दिए खुद बनना | क्यूंकि तुम मेरी रौशनी में थोड़ी देर रोशन हो लोगे | फिर हमारे रास्ते अलग हो जायेंगे | मेरी रौशनी मेरे साथ होगी, तुम्हारा अँधेरा तुम्हारे साथ होगा | अपनी रौशनी खुद पैदा करो | 

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सिल्वर वैडिंग-अध्ययन

सिल्वर वैडिंग – मनोहर श्याम जोशी पाठ का सार- सिल्वर वेडिंग’ कहानी की रचना मनोहर श्याम जोशी ने की है| इस पाठ के माध्यम से पीढ़ी के अंतराल का मार्मिक चित्रण किया गया है| आधुनिकता के दौर में, यशोधर बाबू परंपरागत मूल्यों को हर हाल में जीवित रखना चाहते हैं| उनका उसूलपसंद होना दफ्तर एवम घर के लोगों के लिए सरदर्द बन गया था | यशोधर बाबू को दिल्ली में अपने पाँव जमाने में किशनदा ने मदद की थी, अतः वे उनके आदर्श बन गए| दफ्तर में विवाह की पच्चीसवीं सालगिरह के दिन ,दफ्तर के कर्मचारी, मेनन और चड्ढा उनसे जलपान के लिए पैसे माँगते हैं | जो वे बड़े अनमने ढंग से देते हैं क्योंकि उन्हें फिजूलखर्ची पसंद नहीं |यशोधर  बाबू के तीन बेटे हैं| बड़ा बेटा भूषण, विज्ञापन कम्पनी में काम करता है| दूसरा बेटा आई. ए. एस. की तैयारी कर रहा है और तीसरा छात्रवृति के साथ अमेरिका जा चुका है| बेटी भी डाक्टरी की पढ़ाईं के लिए अमेरिका जाना चाहती है, वह विवाह हेतु किसी भी वर को पसंद नहीं करती| यशोधर बाबू बच्चों की तरक्की से खुश हैं किंतु परंपरागत संस्कारों के कारण वे दुविधा में हैं| उनकी पत्नी ने स्वयं को बच्चों क...