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मेरे गांव का पीपल


मेरे गांव का यह पीपल
 बहुत पुराना है 
समूचे गांव के लिए
न्यारा है 
भगवान विष्णु का 
इसमें वास है 
समूचे गांव
 के लिए कैलाश है
इसकी ख्याति 
दूर-दूर तक 
फैली है 
इसकी पूजा ‌से 
शनि का प्रकोप 
दूर हो जाता है 
यहां बैठने मात्र से
भीतर का दर्प चूर
हो जाता है
इस क्षेत्र का यह 
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया है
एकांत साधना से यहां
जीवन के पासबुक पर
धर्म की कमाई
बढ़ जाती है 
यहां के एकाउंटेंट 
हमारे गांव के 
विष्णु-भक्त
शिवनारायण मिश्र‌ हैं
सबके पासबुक को हर‌‌ महीने
अपडेट करते रहते हैं 
ग़लत दिशा में जाने
पर सबको टोकते रहते हैं
कई स्त्रियों की सूनी
गोदों को इसने भरा है
गांव के लोगों की ‌हर 
मुसीबतों को इसने हरा है ‌
इसके दर्शन मात्र से 
जीवन धन्य हो जाता है
मन आपादमस्तक प्रसन्न
हो‌ जाता है 
वैज्ञानिकों ने यहां 
शोध ‌किया है 
यह‌ और वृक्ष की तुलना में
ज्यादा आक्सीजन देता है 
लोगों की रोग-प्रतिरोधक
 क्षमता को बढ़ाता है
उन्हें ऊर्जावान बनाता है 
मेरे गांव का यह पीपल
बहुत ‌पुराना है 
समूचे गांव के लिए न्यारा है 


डॉ०सम्पूर्णानंद मिश्र 
स्नातकोत्तर शिक्षक हिंदी 
केन्द्रीय विद्यालय इफको फूलपुर इलाहाबाद प्रयागराज

Comments

  1. क्या बात है,सीधे शब्दों में दिल छू लेने की बात है।

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