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KVS PRT Exam core language competency

CORE LANGUAGE COMPETENCY भाषा अभिक्षमता - 20 Marks

The candldate should have adequate understanding of English and Hindi language to deal with students of Elementary Classes. The ability to comprehend the texts and express them effectively in writing/orally will be measured through written test and interview

English 

1. Articles/ Determinants,
2. Prepositions, 
3. Verb forms, 
4. Adjectives, 
5. Tenses, 
6. Modal Auxiliaries, 
7. Active/Passive,
8. Reported speech,
9. Punctuation 
10. Letter Writing- formal & informal, 
11. Essay on current issues, 
12. Speech, 
13. vocabulary, 
14. idioms and phrases, 
15. Antonym & Synonyms, 
16. Methods of teaching English at elementary level.

हिंदी पाठ्यक्रम

व्यावहारिक व्याकरण:-
1.भाषा 
2. संज्ञा 
3. सर्वनाम 
4. विशेषण 
5. क्रिया 
6. अव्यय  
7. लिंग- पुलिंग/स्त्रीलिंग 
8. उपसर्ग प्रत्यय 
9. वचन एक-वचन/ बहु-वचन 
10. वाक्य रचना 
11. विलोम या विपरीतार्थक शब्द 
12. समरूपी भिन्नार्थक शब्द 
13. मुहावरे 
14. अलंकार 
15. विराम चिन्ह 
16. पद परिचय 
17. संधि 
18. एक अर्थी शब्द अनेकार्थी शब्द 
19. अनेक शब्दों के लिए एक शब्द 
20. तत्सम तद्भव शब्द 
21. समास 
22. लोकोक्तियां मुहावरे 
23. अपठित गद्यांश 
24. भाषा शिक्षण की प्रभावी विधियां ।

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भक्तिन लेखिका- महादेवी वर्मा पाठ का सारांश - भक्तिन जिसका वास्तविक नाम लक्ष्मी था,लेखिका ‘महादेवी वर्मा’ की सेविका है | बचपन में ही भक्तिन की माँ की मृत्यु हो गयी| सौतेली माँ ने पाँच वर्ष की आयु में विवाह तथा नौ वर्ष की आयु में गौना कर भक्तिन को ससुराल भेज दिया| ससुराल में भक्तिन ने तीन बेटियों को जन्म दिया, जिस कारण उसे सास और जिठानियों की उपेक्षा सहनी पड़ती थी| सास और जिठानियाँ आराम फरमाती थी और भक्तिन तथा उसकी नन्हीं बेटियों को घर और खेतों का सारा काम करना पडता था| भक्तिन का पति उसे बहुत चाहता था| अपने पति के स्नेह के बल पर भक्तिन ने ससुराल वालों से अलगौझा कर अपना अलग घर बसा लिया और सुख से रहने लगी, पर भक्तिन का दुर्भाग्य, अल्पायु में ही उसके पति की मृत्यु हो गई | ससुराल वाले भक्तिन की दूसरी शादी कर उसे घर से निकालकर उसकी संपत्ति हड़पने की साजिश करने लगे| ऐसी परिस्थिति में भक्तिन ने अपने केश मुंडा लिए और संन्यासिन बन गई | भक्तिन स्वाभिमानी , संघर्षशील , कर्मठ और दृढ संकल्प वाली स्त्री है जो पितृसत्तात्मक मान्यताओं और छ्ल-कपट से भरे समाज में अपने और अपनी बेटियों के हक की लड़ाई लड़त...

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1.  रामस्वरूप और रामगोपाल प्रसाद बात-बात पर "एक हमारा जमाना था .... " कहकर अपने समय की तुलना वर्तमान समय से करते हैं । इस प्रकार की तुलना कहाँ तक तर्क संगत है ? उत्तर इस तरह की तुलना करना बिल्कुल तर्कसंगत नहीं होता क्योंकि समय के साथ समाज में, जलवायु में, खान-पान में सब में परिवर्तन होता रहता है। हर समय परिस्थितियां एक सी नही होतीं हैं। हर ज़माने की अपनी स्थितियाँ होती हैं, जमाना बदलता है तो कुछ कमियों के साथ सुधार भी आते हैं। 2. रामस्वरूप का अपनी बेटी को उच्च शिक्षा दिलवाना और विवाह के लिए छिपाना, यह विरोधाभास उनकी किस विवशता को उजागर करता है? उत्तर आधुनिक समाज में सभ्य नागरिक होने के बावजूद उन्हें अपनी बेटी के भविष्य की खातिर रूढ़िवादी लोगों के दवाब में झुकाना पड़ रहा था। उपर्युक्त बात उनकी इसी विवशता को उजागर करता है। 3. अपनी बेटी का रिश्ता तय करने के लिए रामस्वरूप उमा से जिस प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा कर रहे हैं, उचित क्यों नहीं है ? उत्तर अपनी बेटी का रिश्ता तय करने के लिए रामस्वरूप उमा से जिस प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा कर रहे हैं, वह सरासर गलत है...

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