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Viplav gayan solution विप्लव गायन प्रश्नोत्तर कक्षा 7

1. 'कण-कण में है व्याप्त वही स्वर ..... कालकूट फणि की चिंतामणि' 
(क) 'वही स्वर', 'वह ध्वनि' एवं 'वही तान' अदि वाक्यांश किसके लिए/किस भाव के लिए प्रयुक्त हुए हैं? 

कवि 'वही स्वर', 'वह ध्वनि' एवं 'वही तान' अदि वाक्यांश का भाव नव-निर्माण और जनता को जागृत करने के लिए प्रयुक्त हुए हैं।

(ख) वही स्वर, वह ध्वनि एवं वही तान से संबंधित भाव का 'रुद्ध-गीत की क्रुद्ध तान है/निकली मेरे अंतरतर से' - पंक्तियों से क्या कोई संबंध बनता है?

वही स्वर, वह ध्वनि एवं वही तान से संबंधित भाव का 'रुद्ध-गीत की क्रुद्ध तान है/निकली मेरे अंतरतर से' में आपसी संबंध बनता है क्योंकि कवि इन पंक्तियों में आवेशपूर्वक जनता को जागृत करना चाहते है परंतु उसके कंठ से वह गीत बाहर नहीं आ सकता जिससे वह और भी अधिक अधीर हो जाता है।

2. नीचे दी गई पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए -
'सावधान ! मेरी वीणा में ...... दोनों ऐंठी हैं।'

इस पंक्ति में कवि लोगों को परिवर्तन के प्रति सावधान करता है और वीणा से कोमल स्वर निकालने की बजाय कठोर स्वर निकलने के कारण उसकी उँगलियों की मिजराबें टूटकर गिर गईं, जिससे उसकी उँगलियाँ ऐंठकर घायल हो जाती है । 

भाषा की बात

1. कविता में दो शब्दों के मध्य (-) का प्रयोग किया गया है, जैसे - 'जिससे उथल-पुथल मच जाए' एवं 'कण-कण में है व्याप्त वही स्वर'। इन पंक्तियों को पढ़िए और अनुमान लगाइए कि कवि ऐसा प्रयोग क्यों करते हैं?

कवि कविता में दो शब्दों के मध्य (-) का प्रयोग कर शब्दों में लय बनाये रखते हैं। इस कारण कविता भी ओजपूर्ण लगती है।

2. कविता में (,-।) आदि जैसे विराम चिह्नों का उपयोग रुकने, आगे-बढ़ने अथवा किसी खास भाव को अभिव्यक्त करने के लिए किया जाता है। कविता पढ़ने में इन विराम चिह्नों का प्रभावी प्रयोग करते हुए काव्य पाठ कीजिए।
गद्य में आमतौर पर है शब्द का प्रयोग वाक्य के अंत में किया जाता है, जैसे - देशराज जाता है। अब कविता की निम्न पंक्तियों को देखिए -
'कण-कण में है व्याप्त......वही तान गाती रहती है,'
इन पंक्तियों में है शब्द का प्रयोग अलग-अलग जगहों पर किया गया है। 
कविता में अगर आपको ऐसे अन्य प्रयोग मिलें तो उन्हें छाँटकर लिखिए। 

• कंठ रुका है महानाश का 
• टूटीं हैं मिजराबें 
• रोम-रोम गाता है वह ध्वनि 

3. निम्न पंक्तियों को ध्यान से देखिए -
'कवि कुछ ऐसी तान सुनाओ......एक हिलोर उधर से आए,'
इन पंक्तियों के अंत में आए, जाए जैसे तुक मिलानेवाले शब्दों का प्रयोग किया गया है। इसे तुकबंदी या अंत्यानुप्रास कहते हैं। 
कविता से तुकबंदी के अन्य शब्दों को छाँटकर लिखिए। 

• बैठी है - ऐंठी हैं
• इधर - उधर 
• रुद्ध - युद्ध 
• फणि - मणि

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