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एक कुत्ता और एक मैना पाठ योजना

पाठ योजना
कक्षा – नौवीं
विषय- हिंदी
पाठ-  एक कुत्ता और एक मैना 
समयावधि – दिसम्बर 2016
पाठ का संक्षिप्त परिचय –
यह निबंध 'गुरुदेव' रवीन्द्रनाथ टैगोर जी की व्यक्तिव को उजागर करते हुए लिखा गया है। लेखक ने अपने और गुरुदेव के बीच के बातचीत द्वारा उनके स्वभाव में विद्यमान गुणों का परिचय दिया है। इसमें रवीन्द्रनाथ की कविताओं और उनसे जुड़ी स्मृतियों के ज़रिए गुरुदेव की संवेदनशीलता, आंतरिक विराटता और सहजता के चित्र तो उकेरे ही गए हैं तथा पशु-पक्षियों के संवेदनशील जीवन का भी बहुत सूक्ष्म निरीक्षण है। इस पाठ में न केवल पशु-पक्षियों के प्रति मानवीय प्रेम प्रदर्शित है, बल्कि पशु-पक्षियों से मिलने वाले प्रेम, भक्ति, विनोद और करुणा जैसे मानवीय भावों का भी विस्तार है।

यह निबंध हमें जीव-जंतुओं से प्रेम और स्नेह करने की प्रेरणा देता है।

लेखक परिचय

हजारीप्रसाद दिवेदी

इनका जन्म सन 1907 में गाँव आरत दुबे का छपरा, जिला बलिया (उत्तर प्रदेश) में हुआ। उन्होंने उच्च शिक्षा काशी हिन्दू विश्वविधालय से प्राप्त की तथा शान्ति निकेतन, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय एवं पंजाब विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य किया।

प्रमुख कार्य

कृतियाँ - अशोक के फूल, कुटज, कल्पलता, बाणभट्ट की आत्मकथा, पुनर्नवा, हिंदी साहित्य के उद्भव और विकास, हिंदी साहित्य की भूमिका, कबीर।
पुरस्कार - साहित्य अकादमी पुरस्कार और पद्मभूषण।

क्रियाकलाप
पाठ को उचित गति एवं यति के साथ वाचन | जिन बच्चों के घर पशु एवं पक्षियों को पाला गया है उनसे उनके लगाव के बारे में जानना |

गृह कार्य –


शिक्षक का नाम – धर्मेन्द्र भारद्वाज
पद – पी.जी.टी. हिंदी

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