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निबंध-लेखन

 निबंध-लेखन - निर्धारित अंक: ५ 
निबंध-लेखन करते समय छात्रोंको निम्न बातें ध्यान में रखनी चाहिए –
·         दिए गए विषय की एक रूपरेखा बना लें |
·         रूपरेखा-लेखन के समय ध्यान रहे ऊपर की बात उसके ठीक नीचे की बात से जुड़ी होनी चाहिए, जिससे विषय का क्रम बना रहे |
·         पुनरावृत्ति दोष न आए |
·         भाषा सरल, सहज और बोधगम्य हो |
·         निबंध का प्रारम्भ किसी कहावत, उक्ति, सूक्ति आदि से किया जाए |
·         विषय को प्रामाणिक बनाने के उद्देश्य से हिन्दी, संस्कृत, अंग्रेजी,उर्दू की सूक्तियाँ एवं उद्धरण भी बीच-बीच में देते रहना चाहिए |
·         भूमिका/प्रस्तावना में विषय का सामान्य परिचय तथा उपसंहार में विषय का निष्कर्ष होना चाहिए |

निबंध हेतु नमूना रूपरेखा :
विज्ञान ; वरदान या अभिशाप
१.      भूमिका/ प्रस्तावना
२.      विज्ञान का अर्थ
३.      विज्ञान वरदान है –
·         शिक्षा के क्षेत्र में
·         चिकित्सा के क्षेत्र में
·         मनोरंजन के क्षेत्र में
·         कृषि के क्षेत्र में
·         यातायात के क्षेत्र में
४.      विज्ञान अभिशाप  है –
·         शिक्षा के क्षेत्र में
·         चिकित्सा के क्षेत्र में
·         मनोरंजन के क्षेत्र में
·         कृषि के क्षेत्र में
·         यातायात के क्षेत्र में
५.      विज्ञान के प्रति हमारे उत्तरदायित्व
६.      उपसंहार

विशेष: उक्त रूपरेखा को आवश्यकता के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों को जोड़कर बढ़ाया जा सकता है |

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