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चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती 11

चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती
त्रिलोचन

चंपा ने यह कहा कि
मैं तो नहीं पढूँगी
तुम तो कहते थे गांधी बाबा अच्छे हैं
वे पढ़ने लिखने की कैसे बात कहेंगे
मैं तो नहीं पढूँगी
मैंने कहा कि चंपा, पढ़ लेना अच्छा है
ब्याह तुम्हारा होगा, तुम गौने जाओगी,
कुछ दिन बालम संग साथ रह चला जाएगा जब कलकत्ता
बड़ी दूर है वह कलकत्ता
कैसे उसे सँदेशा दोगी
कैसे उसके पत्र पढ़ोगी
चंपा पढ़ लेना अच्छा है !

प्रश्न 1. कवि चंपा को क्या समझाता है?
उत्तरः- कवि चंपा को समझाता है कि उसे पढ़ाई लिखाई की आवश्यकता तब पड़ेगी जब वह विवाहोपरांत पति को संदेश भेजना चाहेगी।

प्रश्न 2. चंपा कवि से गांधी जी के बारे में क्या कहती है और क्यों ?
उत्तरः- चंपा कवि से कहती है कि गांधी जी अच्छे हैं फिर वे पढ़ने-लिखने की बात क्यों करते हैं, क्योंकि पढ़-लिख लेने से लोगों को जीविकोपार्जन के लिए अपना घर छोड़ना पड़ता है।

प्रश्न 3. चंपा के मन में कौन-सा भाव छिपा हुआ है?
उत्तरः- चंपा के मन में यह भाव छिपा है कि पढ़-लिखकर लोग धन कमाने के लिए दूर चले जाते हैं जिसके परिणाम स्वरूप घर टूट जाते हैं।

प्रश्न 4. कवि ने काव्यांश में चंपा को किस हकीकत से परिचित कराया है?
उत्तरः- कवि ने चंपा को बताया कि पढ़-लिखकर लोग धन कमाने के लिए घर से दूर चले जाते हैं जिसके कारण परिवार टूटते हैं।

प्रश्न 5. ‘‘यह तुम्हारी लीक ही है’’ से कवि का क्या आशय है?
उत्तरः- इसके द्वारा कवि यह कहना चाहता है कि इस परिवार की परंपरा देश के प्रति कर्तव्य निभाने की है। भवानी ने देश के लिए जेल जाकर इसी पुरानी परंपरा का निर्वाह किया है।

प्रश्न 6 ‘‘चंपा काले-काले अच्छर नहीं चीन्हती’’ में कवि ने क्या संदेश दिया है?
उत्तरः- काले-काले विशेषण काव्यांश में अक्षरों के लिए प्रयोग में आया है। जो एक तरफ शिक्षा-व्यस्था के अन्तर्विरोधों को उजागर करता है तो दूसरी ओर उस दारुण यथार्थ् से हमारा परिचय कराता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नारी-शिक्षा की ओर ध्यान नहीं दिया जाता। जिसके कारण ग्रामीण स्त्रियाँ प्रायः अनपढ़ होती हैं।

प्रश्न 7. चंपा ने ऐसा क्यों कहा कि कलकत्ता पर बजर गिरे?
उत्तरः- चंपा यद्यपि पढ़ी लिखी नहीं है फिर भी उसके मन में भविष्य के प्रति आशंका उत्पन्न हो जाती है। आर्थिक तंगी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से नगरों की ओर काम धंधे की तलाश में बड़ी मात्रा में लोगों का पलायन होता है और वहाँ वे शोषक व्यवस्था के शिकार बनते हैं। कवि द्वारा यह कहना कि उसका पति थोड़े समय तक साथ रहेगा और फिर कलकत्ता चला जाएगा। इसके कारण वह घर टूटने की आशंका से भयभीत हो जाती हैं और कलकत्ता पर वज्र गिरने की कामना करती है ताकि न रहेगा बाँस और न बजेगी बाँसुरी।

प्रश्न - निम्नलिखित पद्यांश का भाव सौन्दर्य  एवं शिल्प सौन्दर्य लिखिए |

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