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XI




 माह
विस्तृत पाठ्यक्रम
कक्षा शिक्षण कालांश
कम्प्यूट-रीकृत शिक्षण
अप्रैल-जून
1.नमक का दरोगा- प्रेमचंद  
2.1-हम तो एक-एक करि जाना
2.2.संतो देखत जग बौराना – कबीर
3.अपठित बोध
4.कार्यालयी पत्र की पद्धति और नमूने
16
  1
जुलाई
1.मियाँ नसीरूद्दीन-कृष्णा सोबती
2.(क)मेरे तो गिरधर गोपाल,दूसरो न कोई
  (ख) पग घुंघरू बांधि मीरा नाची – मीरा बाई
3. भारतीय गायिकाओं में  बेजोड़ लता मंगेशकर – कुमार      गन्धर्व
5.समाचार लेखन
25






  1 
अगस्त
1.अपू के साथ ढाई साल- सत्यजित राय
2.पथिक-रामनरेश त्रिपाठी
3.राजस्थान की रजत बूँदें- अनुपम मिश्र
4.रोजगार सम्बन्धी पत्र
5.अपठित बोध- अपठित गद्यांश / अपठित पद्यांश 
6.निबंध- समसामयिक
२२
1
सितम्बर
1.विदाई संभाषण- बालमुकंद गुप्त
2.गलत लोहा-शेखर जोशी
3.वे आँखे- सुमित्रानंदन पंत
4.स्ववृत्त लेखन की विधि और नमूने
6.निबंध-सम्माजिक विषयों पर
२३
1
अक्टूबर
4.साहित्यिक विषयों पर निबंध
17
1
नवम्बर
18
1
दिसंबर
1.जामुन का पेड़-कृश्नचंदर
2.गज़ल –दुष्यन्त कुमार
3.(क)हे भूख मत मचल
 (ख)हे मेरे जूही के फूल – अक्क महादेवी
4.आलो  आधारी- बेबी हालदार
19
1
जनवरी
(२०१६)
1.भारत माता-नेहरु
2.आलो  आधारी  - बेबी हालदार
4.गैर पारम्परिक एवम् अप्रत्याशित विषयों पर अनुOछेद एवम् निबंध के नमूने
15
1
फरवरी
2016

1.आत्मा का ताप-सैय्यद हेदर रजा
2.सबसे खतरनाक- पाश
3.आओ मिलकर बचाएँ- निमर्ला पुतुल
4.संपादकीय
5.सास्कृतिक/नैतिक/विज्ञान सम्बन्धी निबंध
6.भाषण,उद्घोषित,स्वागत भाषण,संगोष्ठी,संचालन आदि के लिए प्रभावी सम्प्रेष्ण हेतु शब्दावली
7.पुनरावृत्ति
22
1



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भक्तिन पाठ का सारांश - प्रश्न उत्तर सहित

भक्तिन लेखिका- महादेवी वर्मा पाठ का सारांश - भक्तिन जिसका वास्तविक नाम लक्ष्मी था,लेखिका ‘महादेवी वर्मा’ की सेविका है | बचपन में ही भक्तिन की माँ की मृत्यु हो गयी| सौतेली माँ ने पाँच वर्ष की आयु में विवाह तथा नौ वर्ष की आयु में गौना कर भक्तिन को ससुराल भेज दिया| ससुराल में भक्तिन ने तीन बेटियों को जन्म दिया, जिस कारण उसे सास और जिठानियों की उपेक्षा सहनी पड़ती थी| सास और जिठानियाँ आराम फरमाती थी और भक्तिन तथा उसकी नन्हीं बेटियों को घर और खेतों का सारा काम करना पडता था| भक्तिन का पति उसे बहुत चाहता था| अपने पति के स्नेह के बल पर भक्तिन ने ससुराल वालों से अलगौझा कर अपना अलग घर बसा लिया और सुख से रहने लगी, पर भक्तिन का दुर्भाग्य, अल्पायु में ही उसके पति की मृत्यु हो गई | ससुराल वाले भक्तिन की दूसरी शादी कर उसे घर से निकालकर उसकी संपत्ति हड़पने की साजिश करने लगे| ऐसी परिस्थिति में भक्तिन ने अपने केश मुंडा लिए और संन्यासिन बन गई | भक्तिन स्वाभिमानी , संघर्षशील , कर्मठ और दृढ संकल्प वाली स्त्री है जो पितृसत्तात्मक मान्यताओं और छ्ल-कपट से भरे समाज में अपने और अपनी बेटियों के हक की लड़ाई लड़त...

रीढ़ की हड्डी -अभ्यास

1.  रामस्वरूप और रामगोपाल प्रसाद बात-बात पर "एक हमारा जमाना था .... " कहकर अपने समय की तुलना वर्तमान समय से करते हैं । इस प्रकार की तुलना कहाँ तक तर्क संगत है ? उत्तर इस तरह की तुलना करना बिल्कुल तर्कसंगत नहीं होता क्योंकि समय के साथ समाज में, जलवायु में, खान-पान में सब में परिवर्तन होता रहता है। हर समय परिस्थितियां एक सी नही होतीं हैं। हर ज़माने की अपनी स्थितियाँ होती हैं, जमाना बदलता है तो कुछ कमियों के साथ सुधार भी आते हैं। 2. रामस्वरूप का अपनी बेटी को उच्च शिक्षा दिलवाना और विवाह के लिए छिपाना, यह विरोधाभास उनकी किस विवशता को उजागर करता है? उत्तर आधुनिक समाज में सभ्य नागरिक होने के बावजूद उन्हें अपनी बेटी के भविष्य की खातिर रूढ़िवादी लोगों के दवाब में झुकाना पड़ रहा था। उपर्युक्त बात उनकी इसी विवशता को उजागर करता है। 3. अपनी बेटी का रिश्ता तय करने के लिए रामस्वरूप उमा से जिस प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा कर रहे हैं, उचित क्यों नहीं है ? उत्तर अपनी बेटी का रिश्ता तय करने के लिए रामस्वरूप उमा से जिस प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा कर रहे हैं, वह सरासर गलत है...

नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया -अभ्यास

1. बालिका मैना ने सेनापति 'हे' को कौन-कौन से तर्क देकर महल की रक्षा के लिए प्रेरित किया ? उत्तर बालिका मैना ने अपने पिता के महल की रक्षा के लिए निम्नलिखित तर्क दिए- 1. मैना ने तर्क दिया कि महल को गिराने से सेनापति की किसी उद्देशय की पूर्ति न हो सकेगी। 2. मैना ने अंग्रेज़ों के विरुद्ध शस्त्र उठाने वालों को दोषी बताया और कहा कि इस जड़ पदार्थ मकान ने कोई अपराध नहीं किया। 3. अंत में मैना ने सेनापति 'हे' को अपना परिचय देकर बताया कि उन्हें उनकी पुत्री मेरी की सहेली की रक्षा करनी ही चाहिए। 2. मैना जड़ पदार्थ मकान को बचाना चाहती थी पर अंग्रेज़ उसे नष्ट करना चाहते थे। क्यों ? उत्तर मैना उसी मकान में पली-बढ़ी थी। उसी में उसकी बचपन की, पिता की, परिवार की यादें समाई हुई थीं। इसलिए वह जड़ मकान उसके लिए भरी-पूरी ज़िंदगी के समान था। वह उसके जीवन का भी सहारा हो सकता था। इसलिए वह उसे बचाना चाहती थी। अंग्रेज़ों के लिए वह राजमहल उनके दुश्मन नाना साहब की निशानी था। वे उनकी हर निशानी को मिट्टी में मिला देना चाहते थे, ताकि देश में फिर से कोई अंग्रेज़ों के विरुद्ध आवाज़ न उठाए। 3. सर टामस '...