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कक्षा 10 हिंदी पाठ योजनाएं

माह
पाठ्य पुस्तक
कृतिका
व्याकरण
कालांश
गद्य
पद्य
अप्रैल –
नेताजी का   चश्मा
बालगोबिन भगत
देव
माता का अँचल

23
मई एवं जून
----------
-----------
---------
रचना के आधार पर वाक्य भेद, अपठित गद्यांश, पद्यांश, निबंध, पत्र लेखन
17
जुलाई
लखनवी अंदाज़ 
आत्मकथ्य, उत्साह
जॉर्ज पंचम की नाक
रस
24
अगस्त
मानवीय करुणा की दिव्य चमक
अट नहीं रही है ,यह दन्तुरित मुस्कान ,फसल

पदपरिचय, वाच्य
24
सितम्बर
पुनरावृत्ति

सार – लेखन
24











 द्वितीय सत्र पाठ्यक्रम X

माह
गद्यांश
पद्यांश
कृतिका
व्याकरण
कालांश
अक्टूबर

अपठित गद्यांश, पद्यांश, निबंध, पत्रलेखन
11





नवम्बर
साना – साना हाथ जोड़ी
रचना के आधार पर वाक्य भेद, वाच्य
23
दिसम्बर

पद – परिचय, रस
18
जनवरी
संस्कृति
-
एही  ठैयाँ झुलनी
हेरानी हो रामा!,
मैं क्यों लिखता हूँ

सार – लेखन
15
फरवरी
पुनरावृत्ति


23
मार्च




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भक्तिन पाठ का सारांश - प्रश्न उत्तर सहित

भक्तिन लेखिका- महादेवी वर्मा पाठ का सारांश - भक्तिन जिसका वास्तविक नाम लक्ष्मी था,लेखिका ‘महादेवी वर्मा’ की सेविका है | बचपन में ही भक्तिन की माँ की मृत्यु हो गयी| सौतेली माँ ने पाँच वर्ष की आयु में विवाह तथा नौ वर्ष की आयु में गौना कर भक्तिन को ससुराल भेज दिया| ससुराल में भक्तिन ने तीन बेटियों को जन्म दिया, जिस कारण उसे सास और जिठानियों की उपेक्षा सहनी पड़ती थी| सास और जिठानियाँ आराम फरमाती थी और भक्तिन तथा उसकी नन्हीं बेटियों को घर और खेतों का सारा काम करना पडता था| भक्तिन का पति उसे बहुत चाहता था| अपने पति के स्नेह के बल पर भक्तिन ने ससुराल वालों से अलगौझा कर अपना अलग घर बसा लिया और सुख से रहने लगी, पर भक्तिन का दुर्भाग्य, अल्पायु में ही उसके पति की मृत्यु हो गई | ससुराल वाले भक्तिन की दूसरी शादी कर उसे घर से निकालकर उसकी संपत्ति हड़पने की साजिश करने लगे| ऐसी परिस्थिति में भक्तिन ने अपने केश मुंडा लिए और संन्यासिन बन गई | भक्तिन स्वाभिमानी , संघर्षशील , कर्मठ और दृढ संकल्प वाली स्त्री है जो पितृसत्तात्मक मान्यताओं और छ्ल-कपट से भरे समाज में अपने और अपनी बेटियों के हक की लड़ाई लड़त...

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1. बालिका मैना ने सेनापति 'हे' को कौन-कौन से तर्क देकर महल की रक्षा के लिए प्रेरित किया ? उत्तर बालिका मैना ने अपने पिता के महल की रक्षा के लिए निम्नलिखित तर्क दिए- 1. मैना ने तर्क दिया कि महल को गिराने से सेनापति की किसी उद्देशय की पूर्ति न हो सकेगी। 2. मैना ने अंग्रेज़ों के विरुद्ध शस्त्र उठाने वालों को दोषी बताया और कहा कि इस जड़ पदार्थ मकान ने कोई अपराध नहीं किया। 3. अंत में मैना ने सेनापति 'हे' को अपना परिचय देकर बताया कि उन्हें उनकी पुत्री मेरी की सहेली की रक्षा करनी ही चाहिए। 2. मैना जड़ पदार्थ मकान को बचाना चाहती थी पर अंग्रेज़ उसे नष्ट करना चाहते थे। क्यों ? उत्तर मैना उसी मकान में पली-बढ़ी थी। उसी में उसकी बचपन की, पिता की, परिवार की यादें समाई हुई थीं। इसलिए वह जड़ मकान उसके लिए भरी-पूरी ज़िंदगी के समान था। वह उसके जीवन का भी सहारा हो सकता था। इसलिए वह उसे बचाना चाहती थी। अंग्रेज़ों के लिए वह राजमहल उनके दुश्मन नाना साहब की निशानी था। वे उनकी हर निशानी को मिट्टी में मिला देना चाहते थे, ताकि देश में फिर से कोई अंग्रेज़ों के विरुद्ध आवाज़ न उठाए। 3. सर टामस '...