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कैमरे में बंद अपाहिज

पाठ योजना
कक्षा बारह्बीं
विषय- हिंदी

पाठ- कैमरे में बंद अपाहिज

समयावधि
पाठ का संक्षिप्त परिचय
कैमरे में बंद अपाहिज करूणा के मुखौटे में छिपी क्रूरता की कविता है।
कारोबारी दबाव मनुष्य को संवेदनहीन बना देता है। दूरदर्शन स्टूडियो में एक अपाहिज को लाया जाएगा और उससे उसके अपाहिजपन पर सवाल पूछकर दर्शकों में संवदेना उत्पन्न की जाएगी।
अपाहिज से तरह-तरह के प्रश्न पूछे जाएंगे- क्या आप अपाहिज हैं? आप क्यों अपाहिज हैं? क्या आपका अपाहिजपन आपको दुख देता है, आपका दुख क्या है? तरह-तरह के सवाल पूछकर अपाहिज को रूलाया जाता है और दर्शकों की आंखों में भी आंसू आ जाते हैं। इस तरह का कार्यक्रम सफल माना जाता है। प्रस्तुत कविता इसी संवेदनहीनता और क्रूरता पर प्रहार करती है।
क्रियाकलाप
कविता का सस्वर वाचन, भावार्थ समझना, प्रश्नोत्तरी  |
गृह कार्य
प्रश्न१:- दूरदर्शन पर एक अपाहिज का साक्षात्कार किस उद्देश्य से दिखाया जाता है?
प्रश्न२:- अंधे को अंधा कहना किस मानसिकता का परिचायक है?
प्रश्न३ :-कविता में यह मनोवृति किस प्रकार उद्घाटित हुई है?
प्रश्न४ :-हम समर्थ शक्तिवान एवं हम एक दुर्बल को लाएंगेमें निहितार्थ स्पष्ट कीजिए।
प्रश्न५:- अपाहिज की शब्दहीन पीड़ा को मीडियाकर्मी किस प्रकार अभिव्यक्त कराना चाहता है?
प्रश्न६:-क्या मीडियाकर्मी सफल होता हैयदि नहीं तो क्यों?
प्रश्न७:- नाटकीय कविता की अंतिम परिणति किस रूप में होती है?

शिक्षक का नाम –
पद – 
हस्ताक्षर

प्राचार्य 

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